Positive thoughts

ज्ञान और भक्ति दोनों चाहिए|
ज्ञान से अच्छे-बुरे की समझ पड़ती है|
भक्ति से इसमें निहित आनन्द और रस ले सकते है|
ऐसी भक्ति को 'ज्ञानोतर भक्ति' कहते है|
MS Kamboj

Comments